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Sunday, July 31, 2011

Janhit me jari !!! LOL

आज टीवी पर जनहित में जारी एक advertisement देखि ... जिसके अनुसार वो लोग जो बहुत ज्यादा सिगरेट पीते हैं... अगर उनके फेफरों को निचोड़ा जाये तो बहुत सारा " टार " जमा होगा...

न जाने क्यों ये जानकारी हमे पर्याप्त नहीं लगी.... पता नहीं क्यों पर हमे ऐसा लगता है की अगर आप ऐसे किसी शक्श के फेफरों के बजाये अगर उसके दिल को निचोड़ेंगे तो जानते हैं क्या मिलेगा??? बहुत सारे नमकीन आंसू जो उदासी को छुपाये आँखों से कभी बहार नहीं निकले..... वैसा कुछ मटेरिअल जमा मिलेगा.....

जब से इस बारे में सोचा है... तब से लग रहा है की काश!!! कहीं से ये मटेरिअल हमे मिल जाये.... तो उसे अपनी कलम में इंक की जगह भर लेंगे,,, फिर ऐसी कविता निकलेगी हमारी कलम से दर्द से भीगी और प्रेम से लिप्त!!!! जिसका कोई साझी न होगा !!!!

पर जानती हूँ ऐसा कुछ नहीं मिलने वाला.... क्योंकि हमारा ये जो समाज है न वो कभी दिल/ मन जैसी चीजों पर अपना टाइम waste नहीं करता....

सड़क के किनारे किसी पनवारी की दूकान पर जब किसी १४-१५ साल के लड़के को सिगरेट पीते देखती हूँ तो औरो की तरह मैं देश को, दुनिया को....कोसती नहीं.. न ही मैं ये कहती हूँ की हमारा युवा वर्ग भटक गया है.... बल्कि ये दृश्य मुझे मजबूर कर देता है,,,, ये सोचने के लिए क्या reason रहा होगा की ये smoke कर रहा है...

क्योंकि हमे ये अच्छे से पता है की जान भुझकर कोई भी ख़ुशी से हद से ज्यादा सिगरेट नहीं पिएगा... यहाँ हम अपवादों की बात नहीं कर रहे...

जिंदगी में कभी न कभी ... किसी मोड़ पे एक कमजोर लम्हे में इंसान आज से... आज की परेशानियों से भागने के लिए.... एक आलंबन धुन्दता है... और आज की इस दुनिया में... किसी के पास वक़्त नहीं है की वो किसी का दर्द सुने... देखे, समझे .... बाँटने की तो बात ही दूर की है....

उस समय वो आलंबन सिगरेट में दिखता है.... उसके धुंए में वो नशा दीखता है.... जो एक पल के लिए सुकून दे सकता है... देता है.... 

इसलिए अगर सरकार चाहती है की आज का युवा सिगरेट छोड़े तो उसे ये बताने की जरुरत नहीं है की इसे पीने से क्या प्रोब्लेम्स हो सकती हैं... और इंसान कितनी भयानक मौत मर सकता है....

कुछ करना ही चाहते हो... तो उनके मन का postmartam कर लीजये... वो तरीका खुद ब खुद मिल जायेगा... जिससे ये बीमारी दूर हो सकती है.... 



footnote :- हम यहाँ  किसी सिगरेट पीने वाले की तरफदारी नहीं कर रहे...हम तो बस असलियत का आइना दिखा रहे है.... समाज को.... पता है... कोई फायदा नहीं होगा... पर वो कहते हैं न... कर्म किये जा फल की चिंता नहीं करनी चहिये!!!





1 comment:

  1. Nice post :)
    हमारा ये जो समाज है न वो कभी दिल/ मन जैसी चीजों पर अपना टाइम waste नहीं करता.... ye line bahut achhi lagi

    Ek request hai ...main janta hun tu kafi busy rehti hai... phir bhi agar kabhi tym mile to honour killing ke bare me tere " Man ke Vichaar" padhne ki ichha rakhte hain....:)

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