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Thursday, October 27, 2011

अनर्गल प्रलाप!!!!!



हमसे सांस लेने की एक खता क्या हुई...
लोगों ने हमपे जिंदा होने का इलज़ाम लगा दिया !!!!

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जिंदगी चाहे कितनी भी लम्बी क्यों ना हो...
चलती बस ज़िन्दगी भर ही है!!!!

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जिंदगी भी कितनी लम्बी होती है न ...
ज़िन्दगी भर चलती है!!!!!
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अपने आंसुओं को तू अन्दर ही रोक ले, की ये नदी अच्ही नहीं....
हंसा के फिर जो रुला दे, वो ख़ुशी सच्ची नहीं!!!!

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विशवास ना करना तू किसी का, वक़्त पर कोई काम  नहीं आता है ...
 गैरों की बात छोड़ो,  अँधेरे में अपना अक्श भी साथ छोड़ जाता है!!!!

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मोह - माया की इस दुनिया में, बस माया का की मोह बचा .....
प्यार -एह्शाश सब खो गए, जब नोट ने अपना खेल रचा!!!! 

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चाँद आज भी मेरी खिड़की पर यूँ ही अटका सा पड़ा  है...
तुमने उसे कुछ रिश्वत दी है क्या????
जरा कह दो उसे
जाके अपना काम करे
जब तुम ही चले गए
तो वो क्यों यहाँ पड़े पड़े
आराम करे????

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जी तो लोग भगवान् से भी नाराज़ होके लेते हैं...

फर्क क्या पड़ता है...
किसी के होने न  होने से...!!!!
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शिकायत तो हमने कभी खुदा से भी नहीं की...
फिर तुम पे तो मेरा कोई हक भी नहीं!!!!
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ख्वाबों का एक भीगा समन्दर है , टुकड़ों-टुकड़ों में बिखरी है किस्ती ,
होंसलों का एक बेखोफ बवंडर है, टूटने की हद से आगे ही शायद बनती है कोई हस्ती .....
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हर शब्द एक मोती है
मन के सागर का
चमकते सब एक से ही हैं ...
पर असली कोई एक आध ही होते हैं....

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ज़िन्दगी की राहों पर,
साथ एक भीड़ चलती है!!!
जो गौर से देखा तो,
सब को तनहा ही पाया...
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भूख, दुःख , गरीबी
दर्द, तन्हाई, रुसवाई,
किताबों में ये अक्षर कितने
भावपूर्ण लगते हैं....
वास्तिवकता???
हम कैसे बताये
हमने भी बस काले अक्षर ही पढ़े हैं,
कुछ सफ़ेद चेहरों पर!!!!
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 दुआ की उम्र कितनी होती है???
क्या कहा???
आपको भी पता नहीं!!!
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सदियों की एक चाह है इस मन में
की कभी उड़ सकूँ ,उन्मुक्त सी इस खुले गगन में!!!!
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1 comment:

  1. Aapke anargal praalap itne madhur hai to seriously jab sur lagati hogi to kamal kar deti hongi.... jkng... too gud..

    specially loved dat 2 views wid same wrds abt life.

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