सुन लड़की!
जब भीड़ में ,तनहाइयाँ मिलने लगे...
तब लौटो अपने अंदर
वो तुम ही तो हो!
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| eyes speak!! |
जिसके अंदर है,
खुशियों की मायानगरी,
मुस्कान की बारहमासी नदी
तुमसे ही तो निकलती है...
है ना!!!??
तुम्हारे ही पैरो की थिरकन पे,
तो अटकी हुई हैं..
कितने दिलों की धड़कन...
एक गोल चक्कर काटो
और देखो..
दुनिया
घूम रही है..
तुम्हारे ही चारो तरफ...
अपनी आँखों में देखो..
कितना प्रेम है
इनमे..
सबके लिए...
तुम्हारे खुद के लिए भी!!!
वो जो फूल खिला है न...
गहरे लाल रंग वाला
उसकी जिजीविषा
तुझ जैसी ही तो है..
है ना..
झूम के जब गाती हो
पहली किरण के साथ,
तब सूरज की बेटी ही तो लगती हो..
चाँदी की पायल
पहन
चांदनी की सहेली बन जाती हो...
तुम्हारी हथेली भर उमंग से
पकती हैं ये सारी फसलें..
बस खुशियों की चाभी तो हो तुम..
यूँ ही खुश रहो..
यूँ ही मुस्काओ..
थोडा सा इतर लो..
खुदा इतनी मासूमियत सबको नहीं देते...
कायनात की महक हो तुम...
हर कोई नहीं होता
ज़िन्दगी से इतना लबरेज़...
और सुन रे लड़की!!
मैं सबसे ज्यादा प्यार तुझसे करती हूँ!!!
P.S.-- Its not inspired by the famous item song "Kisi aur ki mujhko jarurat kya... main to khud se pyaar jataun"... :)))

Sun re ladki!
ReplyDeletehume aapka yahi
andaaz
bahut pasand hai...:)
BINDASH
just like you...
Its something like real Naina..D bukbuk machine...:)
Sun re ladke!
DeleteAndaaz hona hi wahi chaiye
jo sabko pasand aaye..
warna to sab ainwaye hi hai..
BUKBUK machine hmmm thik hai...
but i like O2 much...:)