पन्नो पर काली - नीली स्याही में डूबे कुछ शब्द....
हर शब्द में लिपटा
कल के सपनो में
भीगा सा आज.....
कल की कसमसाहट में
घबराता सा आज.
कल के उद्यम से
सवारता सा आज..
कल की आँखों से
बदलता सा आज...
कल की खुसबू से
महकता सा आज..
कल की हवा में
उड़ता सा आज..
कल के सावन में
नाचता सा आज..
कल की फिक्र में
घुलता सा आज..
कल के आँगन में
खेलता सा आज...
कल की आश में
भटकता सा आज...
कल के योवन में
मचलता सा आज..
कल की लहरों में
उमड़ता सा आज..
कल की सांझ में
उगता सा आज..
कल की सुबह में
मुस्काता सा आज..
कल बिता
कल आएगा
कैसा????
छोड़ो फिर कभी सोचेंगे....
फिलहाल के लिए काफी है की,,,,,
हाँ!!! खुश हूँ मैं आज.....
ज़र्द पन्ने अब तक चर्चार रहे हैं....
keyboard पर तेज़ी से दबते keys के दर्द से
keyboard पर तेज़ी से दबते keys के दर्द से
लैपटॉप में किसी फाइल में पड़े - पड़े
(Aaj Phir Jine Ki Tamanna Hai....................)
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kal aaj aur kal ka achha varnan....
ReplyDeleteshabdon se khelna tumhari pehchaan si hai...
i too love dis song!!!
nice post.... befikr aur sanjida eksaath... ye bas tum hi kar sakti ho....
good gng gal